Disable Copy Text
Friday, December 11, 2015
ज़िंदगी से गिराँ जवानी है
ज़िंदगी से गिराँ जवानी है
रहम अपने पे खाइये 'कैफ़ी'
देखकर अब कहीं घना साया
आप भी बैठ जाइए 'कैफ़ी'।
*गिराँ= भारी, क़ीमती
~ कैफ़ी आज़मी
Nov
2
3
, 2015| e-kavya.blogspot.com
Submitted by: Ashok Singh
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment