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Wednesday, April 8, 2015

वन्दे मातरम्।



वन्दे मातरम्।
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलय़ज-शीतलाम्,
शस्य-श्यामलां मातरम्।
वन्दे मातरम् ।

शुभ्र-ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम् ।
वन्दे मातरम् ।
वन्दे मातरम्।

~ बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

हिन्दी अनुवाद
 
अरविन्द घोष ने 'आनन्दमठ' में वर्णित गीत 'वन्दे मातरम्' का अंग्रेजी गद्य और पद्य में अनुवाद किया। महर्षि अरविन्द द्वारा किए गये अंग्रेजी गद्य-अनुवाद का हिन्दी-अनुवाद इस प्रकार है:

मैं आपके सामने नतमस्तक होता हूँ। ओ माता!
पानी से सींची, फलों से भरी,
दक्षिण की वायु के साथ शान्त,
कटाई की फसलों के साथ गहरी,
माता!
उसकी रातें चाँदनी की गरिमा में प्रफुल्लित हो रही हैं,
उसकी जमीन खिलते फूलों वाले वृक्षों से बहुत सुन्दर ढकी हुई है,
हँसी की मिठास, वाणी की मिठास,
माता! वरदान देने वाली, आनन्द देने वाली।
  Aug 15, 2012| e-kavya.blogspot.com
  Submitted by: Ashok Singh


https://www.youtube.com/watch?v=NjfxTxPBzlY

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