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Monday, April 27, 2015

इश्क़ की चोट का कुछ दिल पे असर

इश्क़ की चोट का कुछ दिल पे असर हो तो सही,
दर्द कम या हो ज़ियादा हो, मगर हो तो सही !

~ जलाल लखनवी

  Apr 25, 2015| e-kavya.blogspot.com
  Submitted by: Ashok Singh

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