एक समय संतुष्ट बहुत था, पा मैं थोडी सी हाला
भोला सा था मेरा साकी, छोटा सा मेरा प्याला
छोटे से इस जग की मेरे, स्वर्ग बलांए लेता था
विस्तॄत जग में हाय! खो गई मेरी नन्ही मधुशाला
~ हरिवंश राय बच्चन
Aug 16, 2014
भोला सा था मेरा साकी, छोटा सा मेरा प्याला
छोटे से इस जग की मेरे, स्वर्ग बलांए लेता था
विस्तॄत जग में हाय! खो गई मेरी नन्ही मधुशाला
~ हरिवंश राय बच्चन
Aug 16, 2014
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