Disable Copy Text

Wednesday, November 19, 2014

आज़ादी का इक लम्हा

कि आज़ादी का इक लम्हा है बेहतर
ग़ुलामी की हयाते-जाविदाँ से।

*हयाते-जाविदाँ=अमर जीवन

~ जोश मलीहाबादी
   Aug 15, 2015

No comments:

Post a Comment