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Wednesday, November 19, 2014

सुना ना किस्से मुझे

सुना ना किस्से मुझे दामनों की इस्मत के
कि तेरे शहर के लोगों को जानता हूँ मैं

*इस्मत=इज्ज़त

~ सलीम बेताब
   August 10, 2014

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