इजाज़त हो तो मैं तसदीक़ कर लूँ तेरी ज़ुल्फ़ों से
सुना है ज़िंदगी एक खूबसूरत दाम है साक़ी ।
*तसदीक़=पुष्टि; दाम=जाल
~ 'अदम'
Sept 26, 2013 | e-kavya.blogspot.com
Submitted by: Ashok Singh
सुना है ज़िंदगी एक खूबसूरत दाम है साक़ी ।
*तसदीक़=पुष्टि; दाम=जाल
~ 'अदम'
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