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Monday, November 24, 2014

रुसवा अगर न करना था

रुसवा अगर न करना था आलम में यूं मुझे
ऐसी निगाह-ए-नाज़ से देखा था क्यों मुझे

*आलम=संसार; निगाह-ए-नाज़=हसरत भरी नज़रों से

~ 'रुसवा'

   August 18, 2013  | e-kavya.blogspot.com
   Submitted by: Ashok Singh

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