रुसवा अगर न करना था आलम में यूं मुझे
ऐसी निगाह-ए-नाज़ से देखा था क्यों मुझे
*आलम=संसार; निगाह-ए-नाज़=हसरत भरी नज़रों से
~ 'रुसवा'
August 18, 2013 | e-kavya.blogspot.com
Submitted by: Ashok Singh
ऐसी निगाह-ए-नाज़ से देखा था क्यों मुझे
*आलम=संसार; निगाह-ए-नाज़=हसरत भरी नज़रों से
~ 'रुसवा'
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