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Sunday, November 23, 2014

और भी मेरे लिए आफ़त


और भी मेरे लिए आफ़त का सामां हो गईं
हाय वो मख़मूर आँखें, जब पशेमां हो गईं ।

*मख़मूर=नशीली; पशेमां=लज्जित

~ 'जिगर'

   Sept 23, 2013

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